पटना. News 18 इंडिया Diamond States Summit कार्यक्रम में बीजेपी एमएलए और अंतर्राष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह ने कहा कि बीजेपी एमएलए श्रेयसी सिंह ने कहा कि लोग पिताजी को बहुत याद करते हैं. जब उनकी चर्चा होती है तो उनके के लिए लोगों के आंख में आंसू आ जाते हैं. लेकिन, उनके गुजर जाने के लगभग 10 साल बाद मैंने राजनीति में कदम रखा. श्रेयसी सिंह ने कहा कि उन्होंने दिल्ली से पढ़ाई की और वहीं शूटिंग की प्रैक्टिस भी की. मैं पहले दिल्ली से खेलना चाहती थी. मुझे लगता था कि बिहार में उतनी पहचान नहीं मिलेगी. लेकिन, उनके पिता जी हमेशा कहते थे कि मां बाप जब गरीब हो जाते हैं तो उन्हें छोड़ नहीं देते हैं. इसलिए मैंने फिर बिहार से खेलना शुरू किया.
श्रेयसी सिंह ने कहा कि मेरे लिए खेल के क्षेत्र में करियर शुरू करना इतना आसान नहीं था. श्रेयसी ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि मेरे पिताजी संगठन के अध्यक्ष थे. लेकिन, उन्होंने मुझे एक बात हमेशा बोली थी क्यों कि हम एक अध्यक्ष है या एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट पर है मेरी तरफ से कोई भी एक्स्ट्रा मदद आप मत उम्मीद कीजिएगा. श्रेयसी ने कहा कि उसका परिणाम यह था कि 2007 में मैंने अपना प्रशिक्षण शुरू किया था. 2007 से लेकर 2011 तक जब तक मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक नहीं जीत पायी थी. मेरा इंटरनेशनल मेडल नहीं आया था तब तक मेरे पास मेरी अपनी बंदूक नहीं थी.
श्रेयशी सिंह ने कहा कि इसके बाद मैंने मेहनत की और अपने सीनियर से बंदूक उधार लेकर अपनी शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की थी. वहीं इसके बाद जब प्रतियोगिता के लिए जब मेरे पास अपने स्पॉन्सर के पैसे आ गए और जब पदक जीत गई तब लोगों को विश्वास होने लगा कि श्रेयसी अच्छा खेल सकती है और बिहार का परचम लहरा सकती हैं. वहीं भारत के लिए पदक जीतने के बाद अपनी बंदूक खरीदी और फिर एक नए तरीके से ट्रेनिंग शुरू की.
FIRST PUBLISHED : October 4, 2024, 20:47 IST