BVA प्रत्याशी वार्ड क्रमांक 9 में निलेश देशमुख को मिल रहा जनता का प्रतिसाद
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BVA प्रत्याशी वार्ड क्रमांक 9 में निलेश देशमुख को मिल रहा जनता का प्रतिसाद
विरार(मयंक रावत): नालासोपारा पूर्व के वार्ड क्रमांक 9 में इस बार वसई-विरार महानगरपालिका चुनाव का मुकाबला खासा दिलचस्प होता जा रहा है। बहुजन विकास आघाड़ी के उम्मीदवार निलेश देशमुख का बढ़ता जनसमर्थन और संभावित वोट शेयर शहर भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मिश्रित आबादी वाले इस वार्ड में अब तक मतदाताओं ने विपक्षी दलों को सीमित समर्थन दिया है, इस बार निलेश देशमुख को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
निलेश देशमुख सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अपने सक्रिय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई सामाजिक पहलों में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसका सीधा असर उनके जनसंपर्क पर दिखाई देता है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस पृष्ठभूमि में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है और यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वोट शेयर रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। प्रभाग क्रमांक 9 के पैनल में बहुजन विकास आघाड़ी से रूपाली सुनील पाटिल,सुमन किरण काकडे,निलेश दामोदर देशमुख और विनोद हरिश्चंद्र जाधव उम्मीदवार है।
निलेश देशमुख बहुजन विकास अघाड़ी के लिए संगठनात्मक हैं और कई वर्ष से सक्रिय राजनीति में हैं। पार्टी की रणनीति तय करने और चुनावी योजना बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। वसई-विरार क्षेत्र में उन्होंने जो मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है, जिसका सीधा लाभ उन्हें इस चुनाव में मिलने की उम्मीद है।
वे इससे पहले वसई-विरार महानगरपालिका में नगरसेवक रह चुके हैं। इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है। विकास कार्यों पर उनकी गहरी समझ, शांत स्वभाव और समस्याओं को सरल तरीकों से सुलझाने की कार्यशैली ने आम नागरिकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को और मजबूत किया है। आम मतदाताओं के बीच उनकी छवि एक पढ़े-लिखे, सुलभ और ज़मीनी नेता की बनी हुई है, जो रोज़मर्रा की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हैं।
हाल ही में चले चुनाव प्रचार के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से मिले सकारात्मक और अप्रत्याशित समर्थन ने विरोधी उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है। “इलाके के विकास को प्राथमिकता” को केंद्र में रखकर किए गए उनके प्रचार अभियान का असर वार्ड 9 में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। स्थानीय मतदाताओं के रुझान को देखते हुए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि निलेश देशमुख की जीत का अंतर कितना बड़ा होगा।