नालासोपारा यौन उत्पीड़न मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले,पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने दी जानकारी , अब तक चार युवतियों ने दर्ज कराई शिकायत
मुख्य बिंदु:
नालासोपारा यौन उत्पीड़न मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले,पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने दी जानकारी
अब तक चार युवतियों ने दर्ज कराई शिकायत
नालासोपारा यौन उत्पीड़न मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले,पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने दी जानकारी
अब तक चार युवतियों ने दर्ज कराई शिकायत
(मयंक रावत)
नालासोपारा: डेटिंग ऐप के जरिए युवतियों से दोस्ती कर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा। मामले की गंभीरता और इसके संभावित विस्तार को देखते हुए मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने एसआईटी गठित किए जाने की जानकारी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय आरोपी आरिफ शेख के खिलाफ अब तक एक नाबालिग सहित चार युवतियों ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने बुधवार को नालासोपारा पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की जांच का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच के लिए एसआईटी नियुक्त की गई है।
डीसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे जांच का नेतृत्व
पुलिस आयुक्त के अनुसार, एसआईटी का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के अधिकारी करेंगे। टीम में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ कानूनी सलाहकार भी शामिल रहेंगे। महिलाओं से संबंधित इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है और सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
डेटिंग ऐप से संपर्क कर ब्लैकमेल करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी नालासोपारा पूर्व के हनुमान नगर इलाके में रहता है। उस पर डेटिंग ऐप के माध्यम से युवतियों से संपर्क स्थापित करने, दोस्ती बढ़ाने और कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। शिकायतों के मुताबिक, युवतियों की अश्लील वीडियो कथित रूप से तैयार कर उन्हें ब्लैकमेल भी किया गया। एक के बाद एक शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस को मामले में अन्य पीड़ितों के होने की आशंका है। हालांकि, आरोपों की वास्तविक सीमा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
डिजिटल सबूतों की होगी जांच
एसआईटी डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने के साथ शिकायतों का सत्यापन करेगी और संभावित पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास करेगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित अश्लील वीडियो का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, क्या उन्हें बेचा गया या सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया तथा इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।
पुलिस को आशंका है कि जांच के दौरान कुछ अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं। मामले में आगे की कार्रवाई डिजिटल साक्ष्यों, शिकायतों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।