विरार में फर्जी CC से फ्लैट बिक्री का आरोप, बिल्डर विशाल पाटील गिरफ्तार ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, 113 फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की जांच

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22 अक्टूबर 2026, 05:10 PM
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विरार में फर्जी CC से फ्लैट बिक्री का आरोप, बिल्डर विशाल पाटील गिरफ्तार  ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, 113 फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की जांच
मुख्य बिंदु:

विरार में फर्जी CC से फ्लैट बिक्री का आरोप, बिल्डर विशाल पाटील गिरफ्तार
ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, 113 फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की जांच

विरार में फर्जी CC से फ्लैट बिक्री का आरोप, बिल्डर विशाल पाटील गिरफ्तार

ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, 113 फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की जांच

(मयंक रावत)

विरार : विरार पूर्व के नारंगी क्षेत्र में कथित फर्जी निर्माण अनुमति और पूर्णता प्रमाणपत्र (CC) के आधार पर आठ मंजिला इमारत का निर्माण कर फ्लैट बेचने का मामला सामने आया है। इस मामले में विरार पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नामजद बिल्डर विशाल विनायक पाटील को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को 29 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, नारंगी स्थित ध्रुवी हाइट्स-2 इमारत के निर्माण और फ्लैटों की बिक्री में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। आरोप है कि इमारत के लिए फर्जी दस्तावेजों और पूर्णता प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया गया तथा फ्लैटों की बिक्री के दौरान खरीदारों को धोखा दिया गया।

तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

इस मामले में विशाल विनायक पाटील, कमलेश महादेव पाटील और राजकुमार भारती के नाम आरोपियों के रूप में दर्ज हैं। विरार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 337, 338 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज की गई और उसी रात विशाल पाटील को गिरफ्तार किया गया।

113 फ्लैट खरीदारों का मामला जांच के दायरे में

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस इमारत में 113 फ्लैटों की बिक्री और उनसे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निर्माण अनुमति और पूर्णता प्रमाणपत्र वास्तविक थे या नहीं तथा कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका रही है।

क्राइम ब्रांच कर रही जांच

मामले की जांच मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट-2 कर रही है। जांच के दौरान निर्माण की वैधता, प्रमाणपत्रों की सत्यता और फ्लैटों की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र में भवन निर्माण की अनुमति, दस्तावेजों के सत्यापन और फ्लैट खरीदारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, फिलहाल ये आरोप हैं और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।