नायगांव की बीच कॉम्प्लेक्स सोसायटी में मारपीट पर मचा बवाल,बर्खास्त पदाधिकारी पर मामला दर्ज

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12 जुलाई 2026, 05:51 PM
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नायगांव की बीच कॉम्प्लेक्स सोसायटी में मारपीट पर मचा बवाल,बर्खास्त पदाधिकारी पर मामला दर्ज
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नायगांव की बीच कॉम्प्लेक्स सोसायटी में मारपीट पर मचा बवाल,बर्खास्त पदाधिकारी पर मामला दर्ज

नायगांव की बीच कॉम्प्लेक्स सोसायटी में मारपीट पर मचा बवाल,बर्खास्त पदाधिकारी पर मामला दर्ज

नायगांव: शहर के पश्चिम स्थित बीच कॉम्प्लेक्स को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में बर्खास्त किए जा चुके पूर्व पदाधिकारियों पर जबरन सोसायटी का नियंत्रण बनाए रखने, धमकी देने और गुंडागर्दी करने के आरोप लगे हैं। सैकड़ों सदस्यों ने मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पुलिस उपायुक्त तथा प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सदस्यों का आरोप है कि उपनिबंधक कार्यालय द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद पूर्व सचिव विनायक चव्हाण, पूर्व अध्यक्षा नीलम पांडे, पूर्व कोषाध्यक्ष साकेत चक्रवर्ती सहित अन्य पूर्व पदाधिकारी अधिकृत प्रशासक को कार्यभार संभालने नहीं दे रहे हैं।

सोसायटी में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। रहिवासियों का कहना है कि पूर्व समिति के कार्यकाल में सोसायटी के धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और मनमाने निर्णयों को लेकर लगातार विवाद होते रहे। विरोध करने वाले सदस्यों को कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कई लोगों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सोसायटी परिसर में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, बगीचे को नुकसान पहुंचाने और पेड़ों की अवैध कटाई जैसी शिकायतें भी विभिन्न सरकारी विभागों में दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को धमकाने तथा उनके घर जाकर विवाद करने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। सदस्यों के अनुसार, लगातार शिकायतों के बाद उपनिबंधक कार्यालय ने संबंधित पदाधिकारियों को अयोग्य घोषित कर दिया, लेकिन इसके बाद भी वे कथित तौर पर सोसायटी के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि सोसायटी के धन से नियुक्त वकील की सेवाओं का इस्तेमाल व्यक्तिगत हितों के लिए किया जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिक से मारपीट 

सोसायटी ऑफिस में पूर्व सेक्रेटरी द्वारा अपना ताला लगा कर जबरन कब्जा किया है। हाल ही में एक वरिष्ठ नागरिक और उनकी बेटी के साथ कथित मारपीट का भी आरोप है। सदस्यों का कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, पुलिस प्रशासन को मारपीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज तक नही निकालने दिया जा रहा जिससे रहिवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

प्रशासक को पुलिस सुरक्षा देने की मांग

सोसायटी के सदस्यों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी रहिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उपनिबंधक द्वारा नियुक्त अधिकृत प्रशासक को पुलिस सुरक्षा के साथ बिना किसी बाधा के कार्यभार ग्रहण कराने की मांग की है। इस मामले में मानिकपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1), 74, 79, 115(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।