शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी की जयंती पर भव्य तिरंगा यात्रा, युवा नेता निलेश प्रजापति ने किया नेतृत्व
शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी की जयंती पर भव्य तिरंगा यात्रा, युवा नेता निलेश प्रजापति ने किया नेतृत्व
देवरिया। प्रजापति समाज के वीर सपूत और अमर शहीद विद्यार्थी रामचन्द्र प्रजापति की जयंती के अवसर पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा समाजसेवी एवं जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी निलेश प्रजापति ने की।
रामचन्द्र विद्यार्थी का जन्म 1 अप्रैल 1929 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के नौतन हथियागढ़ गांव में बाबूलाल प्रजापति के घर हुआ था। वे उस समय सातवीं कक्षा के विद्यार्थी थे और देश की आजादी के लिए बेहद उत्साहित रहते थे।
वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ। देश की आजादी की इस लड़ाई में रामचन्द्र विद्यार्थी भी कूद पड़े। बताया जाता है कि 14 अगस्त 1942 को उन्होंने देवरिया कचहरी पर तिरंगा फहराया। इस दौरान अंग्रेजी हुकूमत की गोलीबारी में वे शहीद हो गए। उन्होंने महज 13 वर्ष की उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए निलेश प्रजापति ने कहा कि ऐसे महान क्रांतिकारियों का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का अधिकार है। रामचन्द्र विद्यार्थी जैसे क्रांतिकारी बालक ने छोटी उम्र में देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया, उनका साहस और बलिदान हमेशा याद किया जाएगा।
निलेश प्रजापति ने कहा कि समाज को शिक्षा, एकता और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा में सुरकांत गौतम, बचाओ नेता जी, रोहन, हरिश्याम, डॉ. रोहित गौतम, आकाश जोशी, डॉ. संजीव, अमरनाथ, मुकेश पाल सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया और उनके बलिदान को सदैव याद रखने का संकल्प लिया।