दोस्त की हत्या का फरार आरोपी 21 साल बाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

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Vasai-Virar
26 जून 2026, 06:02 PM
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दोस्त की हत्या का फरार आरोपी 21 साल बाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

दोस्त की हत्या का फरार आरोपी 21 साल बाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार


क्राइम ब्रांच कक्ष-2 की बड़ी सफलता, हत्या के बाद 15 साल तक बदलता रहा ठिकाना


(मयंक रावत)


वसई: मीरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच कक्ष-2 ने 21 वर्ष पुराने हत्या के मामले का खुलासा करते हुए फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2005 में अपने ही मित्र की निर्मम हत्या कर फरार हो गया था और पिछले कई वर्षों से पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, विरार पुलिस स्टेशन में 27 दिसंबर 2005 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता रत्नाकर शंकर चव्हाण ने बताया था कि उनके चचेरे भाई दिलीप तुकाराम चव्हाण (30) की किसी अज्ञात व्यक्ति ने सिर पर किसी भारी हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आगाशी-भाटीबंदर गांव की सीमा में खाड़ी किनारे फेंक दिया गया था। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच कक्ष-2 ने इस पुराने मामले की समानांतर जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, प्रत्यक्षदर्शियों और घटनास्थल के आसपास के लोगों से दोबारा पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी अपने मूल गांव उत्तर प्रदेश में छिपकर रह रहा है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की विशेष टीम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के तलोंगज-मनोरी गांव पहुंची और 25 जून 2026 को आरोपी राजेश सुरेश सोनकर (41) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह और मृतक आपस में घनिष्ठ मित्र थे तथा अर्नाला के एक होटल में साथ काम करते थे। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी के साथ मृतक के परिचित व्यक्ति द्वारा जबरन दुष्कर्म किया गया था और उसे विश्वास था कि इस घटना में मृतक ने उस व्यक्ति की मदद की थी। इसी रंजिश के चलते उसने अपने मित्र की हत्या कर दी। आरोपी ने यह भी बताया कि हत्या के बाद वह 5-6 वर्ष तक लखनऊ में रहा। इसके बाद पिछले करीब 15 वर्षों से प्रयागराज में अपनी पहचान छिपाकर ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन कर रहा था।


यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे तथा सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच कक्ष-2 के पुलिस निरीक्षक अविराज कुराडे के नेतृत्व में की गई। इस अभियान में सहायक पुलिस निरीक्षक सोपान पाटील, पुलिस उपनिरीक्षक संतोष घाडगे, अजित गिते सहित क्राइम ब्रांच और साइबर पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।